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Navratri 5th Day: स्कंदमाता के लिए मंत्र, आरती, प्रसाद और शुभ रंग

By: Aryan

On: Wednesday, April 2, 2025 5:41 AM

Navratri 5th Day स्कंदमाता के लिए मंत्र, आरती, प्रसाद और शुभ रंग
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नवरात्रि के पांचवें दिन मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप, मां स्कंदमाता की पूजा की जाती है। यह दिन भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है क्योंकि मां स्कंदमाता की उपासना से संतान प्राप्ति, संतान की उन्नति और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।

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मां स्कंदमाता को भगवान कार्तिकेय की माता कहा जाता है। उनकी चार भुजाएँ हैं, जिनमें से दो में कमल के पुष्प, एक में भगवान स्कंद (कार्तिकेय) को गोद में लिए हुए हैं और एक से अपने भक्तों को आशीर्वाद प्रदान कर रही हैं। मां सिंह पर सवार रहती हैं और कमल के आसन पर विराजमान होने के कारण इन्हें पद्मासना भी कहा जाता है।

अगर आप इस नवरात्रि में मां स्कंदमाता की कृपा पाना चाहते हैं, तो आइए जानते हैं उनकी पूजा विधि, मंत्र, भोग, आरती, प्रिय रंग और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी

मां स्कंदमाता की पूजा विधि

मां स्कंदमाता की पूजा में शुद्धता, श्रद्धा और भक्ति का विशेष ध्यान रखना चाहिए। पूजा करने से पहले स्नान कर साफ वस्त्र धारण करें और मंदिर या पूजा स्थान को अच्छे से स्वच्छ करें। इसके बाद निम्नलिखित विधि से पूजा करें:

1. पूजा की तैयारी

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें।
  • मंदिर को गंगाजल से शुद्ध करें और मां स्कंदमाता की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
  • मां को पीले, सफेद और लाल रंग के पुष्प अर्पित करें।

2. मां स्कंदमाता की आराधना करें

  • सबसे पहले घी का दीपक जलाएं और अगरबत्ती लगाएं।
  • मां स्कंदमाता को सफेद कमल या पीले फूल अर्पित करें।
  • उन्हें केले, नारियल, और पंचामृत का भोग लगाएं।
  • पूजा के दौरान स्कंदमाता के मंत्रों का जाप करें।
  • अंत में मां की आरती करें और प्रसाद ग्रहण करें।

मां स्कंदमाता के मंत्र

मां स्कंदमाता की पूजा के दौरान निम्नलिखित मंत्रों का जाप करने से विशेष लाभ मिलता है:

1. बीज मंत्र

ॐ देवी स्कन्दमातायै नमः॥

2. ध्यान मंत्र

या देवी सर्वभूतेषु मां स्कंदमाता रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

3. स्तुति मंत्र

या देवी सर्वभूतेषु मां स्कंदमाता रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

मंत्रों का जाप कम से कम 108 बार करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।

मां स्कंदमाता को प्रिय भोग

मां स्कंदमाता को केले का भोग विशेष रूप से प्रिय है। इसके अलावा, उन्हें पंचामृत, नारियल, मिठाई और सफेद रंग की खीर भी अर्पित की जा सकती है।

अगर संतान सुख की इच्छा रखते हैं, तो मां स्कंदमाता को केले और शहद का भोग लगाना शुभ माना जाता है।

मां स्कंदमाता की आरती

जय तेरी हो स्कंदमाता, पांचवां रूप तेरा आता।
सब के मन को भाता, जय तेरी हो स्कंदमाता॥
ब्रह्माण, विष्णु और महेश, भक्तों की रक्षा करे।
रिद्धि-सिद्धि को संग लाए, दुर्गति का नाश करे॥

इस आरती को गाकर या सुनकर मां स्कंदमाता की पूजा संपन्न करें और उन्हें धूप-दीप दिखाकर प्रसाद वितरण करें।

मां स्कंदमाता को प्रिय रंग

मां स्कंदमाता को पीला और सफेद रंग विशेष प्रिय हैं। इस दिन अगर आप पीले या सफेद रंग के वस्त्र धारण करते हैं, तो मां की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

मां स्कंदमाता की पूजा से लाभ

संतान प्राप्ति: जो लोग संतान सुख से वंचित हैं, उनके लिए मां स्कंदमाता की पूजा अत्यंत लाभदायक होती है।
संतान की उन्नति: जिनकी संतान को शिक्षा और करियर में बाधाएँ आ रही हैं, उन्हें मां की पूजा करनी चाहिए।
सुख-समृद्धि: मां की पूजा करने से घर में सुख, समृद्धि और शांति बनी रहती है।
स्वास्थ्य लाभ: स्कंदमाता की कृपा से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है।
दुखों का नाश: मां स्कंदमाता की पूजा करने से जीवन के सभी कष्ट और बाधाएँ दूर हो जाती हैं।

निष्कर्ष

मां स्कंदमाता ममता, वात्सल्य और शक्ति की देवी हैं। उनकी पूजा से संतानहीन दंपतियों को संतान प्राप्ति का वरदान मिलता है और बच्चों की उन्नति में आने वाली सभी बाधाएँ दूर हो जाती हैं।

इस नवरात्रि, अगर आप मां स्कंदमाता की कृपा प्राप्त करना चाहते हैं, तो पूजा विधि का पालन करें, मंत्रों का जाप करें, प्रिय भोग अर्पित करें और श्रद्धा के साथ उनकी आरती करें

पूछे जाने वाले  प्रश्न

प्रश्न:1 मां स्कंदमाता कौन हैं?

उत्तर:1 मां स्कंदमाता भगवान कार्तिकेय (स्कंद) की माता हैं और मां दुर्गा के नौ स्वरूपों में से पांचवें स्वरूप मानी जाती हैं।

प्रश्न:2 मां स्कंदमाता की पूजा कब की जाती है?

उत्तर:2 नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा का विशेष विधान होता है।

प्रश्न:3 मां स्कंदमाता की पूजा कैसे करें?

उत्तर:3 मां स्कंदमाता की पूजा में घी का दीपक जलाएं, मंत्रों का जाप करें, सफेद फूल और केले का भोग अर्पित करें और आरती करें।

प्रश्न:4 मां स्कंदमाता को कौन-सा भोग प्रिय है?

उत्तर:4 मां स्कंदमाता को केला, पंचामृत, नारियल, और सफेद रंग की खीर का भोग विशेष रूप से प्रिय है।

प्रश्न:5 मां स्कंदमाता की पूजा करने से क्या लाभ होता है?

उत्तर:5 मां की पूजा से संतान सुख, संतान की उन्नति, सुख-समृद्धि और मानसिक शांति प्राप्त होती है।

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